Newton Law of Gravity ? Newton Law of Gravity क्या है ?
आज के युग मे Science बहुत आगे तक चली गई है | Scientist ने काइ आएसा Theory दिया है जिसको समझने मे हमे काइ सालो तकका वाकत लग सक्ता है , आइसे आज हम लोग एक Topic पे चर्चा करेगे जो है "Newton law of Gravity" सबसे पहले हम जानते है गुरुत्वाकर्षण (Gravity) क्या हैWhat is Gravity ? Gravity क्या है ?
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यह माना गया है कि इसी घटना के कारण Universe मे जित्ने बस्तुए है उन सब को एक अस्थान एककृत कर्ता है और इसी से एक नया आकाश गंगा क निर्माण होता है . एक बात और है कि सभी बस्तुए क अपना अपना Gravity होता है . पृथ्वी कि Gravity चाँद से ज्यादा है . मानौ पृथ्वी पर कोई बस्तुए क वजन (Weight) 1kg है तो चाँद पर उसका वजन ( weight) 1/6 kg हि होगा .
न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण सिद्धांत ( Newton law of Gravity )
Sir Isaac Newton के माने तो इसी सिद्धांत के बदोलत विश्व भर मे चर्चित मे आया . Sir Isaac Newton कि मोताबिक दो "भौतिक बस्तुए या ब्रह्माण्ड का सभी बस्तुए एक दुसरे से जिस बस्तुए से आकर्सित करती है , यह बल गुरुत्वाकर्षण बल की वजाह से तयार होता है . यह बल दो वस्तुए के मात्रा के समानुपातिक और दोनो कि बीच दुरी की वर्ग के विक्रमानुपतिक होता है" इसे हि गुरुत्वाकर्षण कहलाता है . Sir Isaac Newton ने इस पर एक समीकरण भी दिया त यो एस प्रकार है :F = GMm/R۸2
Where ,
G = Gravitational Force
M = First mass of object
m = Second mass of object
R = Distance between the object
इस से सम्बन्धित विशेष तथ्यो क वर्णन नीचे है,
1. Newton के इस परिभाषा से हमे Gravitational constant मा मान प्राप्त होता है जो है G = 67*10۸-11 Nm^2/kg^22. Newton द्वारा प्राप्त G का मान बहुत हि छोटा होता है . किसी प्रयोगशाला मे रखे हुए दो एक एक Kg वास्तुए के बीच महज 67*10۸-11 Nm^2/kg^2 Newton का बल तैयार हो पाता है
3. कोई वास्तुए का Gravitational mass हमे ये बताता है कि कोई एक वास्तु किसी दुसरे वस्तु को अपनी तरफ कितने खिच् सकती है
4. दो से अधिक वस्तु होने पर Newton Gravitational क नियम के अधिक तैयार होने बले बल क मान Superposition के नियम के सहायता से निकलता है .
Determination of G
न्यूटन द्वारा गुरुत्वाकर्षण के नियम का प्रतिपादन होने के बाद ही गुरुत्व नियतांक G का मान ज्ञात करने की समस्या ने वैज्ञानिकों का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट किया. इसका कारण यह था कि यह प्रकृति के मूल नियतांको (fundamental constants) में से एक है और देश, काल तथा परिस्थिति से सर्वथा निरपेक्ष है। इसलिए इसे सार्वत्रिक नियतांक (universal constant) कहते हैं। साथ ही, यह पृथ्वी की संहति से भी संबंधित किया जा सकता है (देखें समीकरण २). अत: पृथ्वी की संहति एवं घनत्व ज्ञात करने के लिए भी इसके मान के ज्ञान की आवश्यकता पड़ती है. यह निम्नलिखित विवेचन से स्पष्ट हो जाएगा :
समीकरण (३) और (४) में तुलना करने पर
- g = G M/r^2
किंतु पृथ्वी की मात्रा (पृथ्वी को पूर्णत: गोल मानने पर)
- M = (4/3) p r^3 D
जहाँ D पृथ्वी का माध्य घनत्व (mean density) है.
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Gravitational Acceleration ?
कोई भी वस्तु किसी भी उचाई से पृथ्वी कि तल कि तरफ जिस Gravitational बल से साथ् आती है , उसे Gravitational Acceleration या g कहते है . इसका मान पृथ्वी के लिए 9.81 m/s^2 है . दुसरे ग्रह का मान एक सामान नही होता है , इसका Equation है
आज कि दिन मे देखे तो इसका बहुत हि जरुरी है हमारे जीवन के लिए . तो Friends आपका कोई भी Questions है हो Comment कर सकते है और आपने दोस्तो के साथ् Shareकर्ण करना ना भुले . आपका कोई सुझाब है हो अबस्य दिजिए . धन्यवाद!!!!!!




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